Thursday, January 22, 2015

पाकिस्तान में माहौल नहीं है

Chaudhary Kabir Ahmad Khan with me in office.

पहली बार किसी पाकिस्तानी आॅफिसर को इतनी बेबाकी से अपने मुल्क की कमियों के बारे में बात करते सुना। हो सकता है पाकिस्तान में भी वे इसी तेवर के लिए जाने जाते हों, लेकिन स्पष्टवादिता की यह बेहतरीन मिसाल थी। पाकिस्तान से भारत आए पाक के टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर चौधरी कबीर अहमद खान का आज समाज के दफ्तर में आना हुआ था। विशेष आग्रह पर उन्होंने निमंत्रण स्वीकार किया था। पाकिस्तान में पर्यटन के माहौल पर चर्चा चली तो बेबाकी से कह उठे, वहां अभी माहौल नहीं है। पर्यटकों का आना तो दूर की बात है। जो भी आते हैं सिर्फ रिलिजियस टूरिज्म के लिए आते हैं। अमन के बिना टूरिज्म की बात तो बेमानी लगती है। दुआ करें कि पाकिस्तान में अमन हो और हम वहां मौजूद बेशकिमती सौगात को दूसरी दुनिया को दिखा सकें।
लाहौर बस पर था आतंकी खतरा
ऐसा नहीं है कि हमारे यहां आतंकी खतरा नहीं है। आए दिन आपलोग भी सुनते होंगे। हम भी आतंक से ग्रसित हैं। कुछ गलतियां जरूर हुर्इं जिसके कारण वहां आतंकवाद हावी हो गया। लाहौर बस सेवा पर भी आतंकी खतरा था। हमारी सिक्योरिटी एजेंसियों ने आतंकियों के मैसेज ट्रैप किए थे, जिसमें लाहौर बस सेवा को निशाना बनाए जाने की बात थी। सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था। सिक्योरिटी रिजन के कारण इस सेवा का डेस्टिनेशन बदलकर बाघा बॉर्डर कर दिया गया। बाघा बॉर्डर से हम सभी यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का इंतजाम करते हैं। वहां से बसों, टैक्सी आदि की व्यवस्था मुकम्मल की गई है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की यह एक ऐसी देन है, जो भारत और पाक के संबंधों में मील का पत्थर है। यह न कभी बंद हुई है और न भविष्य में बंद होगी।
पूरे विश्व में हमारी छवि खराब है
मुझे यह स्वीकारने में गुरेज नहीं कि पूरे विश्व में हमारी पहचान एक रिलिजियस कंट्री के रूप में हो गई है। लोग हमें एक्ट्रीमिस्ट मानते हैं। कट्टरवादी मानते हैं। कुछ कारणों से ऐसी छवि बन गई है। पर हम इस छवि को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे विश्व को स्ट्रांग मैसेज देने के लिए हसन अब्दाल, पंजाब साहिब, गंधार सिविलाइजेशन, बुद्धा हेरिटेज को हाईलाइट कर रहे हैं। इसी साल मार्च में एक इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन करने जा रहे हैं। इसमें तमाम देशों के प्रतिनिधियों को बुलाया जा रहा है। इस कांफ्रेंस का दो प्रमुख मकसद है। पहला यह कि हम सभी देशों को यह मैसेज देना चाहते हैं कि इन हेरिटेज सिविलाइजेशन के प्रिजर्वेशन के लिए पाकिस्तान कई कदम आगे है। दूसरा हिन्दु सिख धर्म सहित अन्य धर्मों के संरक्षण के लिए भी पाकिस्तान तत्पर है। पाकिस्तान में कितनी धार्मिक चीजें मौजूद हैं और उसे पाकिस्तान ने कितना महफूज रखा है, यह बताने का प्रयास किया जा रहा है।
पाकिस्तानी फिल्में भी रिलीज हों
भारत का बच्चा-बच्चा भारतीय फिल्मों का दीवाना है। भारत में कोई फिल्म रिलीज होते ही पाकिस्तान में भी रिलीज हो जाती है। पर वहां की एक भी फिल्म भारत में रिलीज नहीं होती है। यह टू वे कम्यूनिकेशन है। भारत सरकार को इस पर रोक हटानी चाहिए। पाकिस्तान में भारत का एक भी चैनल बैन नहीं है, पर भारत में आप पाकिस्तान का एक भी चैनल नहीं देख सकते हैं। कम से कम न्यूज चैनल तो जरूर ही आॅन एयर होने चाहिए। मीडिया की बातों को एक दूसरे को जानना बेहद जरूरी है। मेरी तो भारत सरकार से गुजारिश है कि न्यूज चैनलों को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा जाए। आप दुआ करें कि पाक और भारत के रिश्ते नार्मल हों। जरूरत इस बात की है कि दोनों कंट्री एक मंच पर आएं तमाम बातों को शार्ट आउट करें। 67 साल तो हो गए रिश्तों में कड़वाहट के अब और कितने साल। दोनों मुल्कों के युवा चाहते हैं बेहतर रिश्ते हों, बेहतर एजूकेशन मिले। दोनों सरकारों को जरूर सोचना चाहिए।
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